"नमस्ते, ग्राम प्रगति रोज़गार फाउंडेशन(Gram Pragati Rojgar Foundation) में आपका स्वागत है।
मेरी इस यात्रा की शुरुआत एक बहुत ही छोटी लेकिन गहरी सोच के साथ हुई है —कि हम भले ही अकेले पूरी दुनिया को नहीं बदल सकते, लेकिन हम में से हर कोई किसी एक की मदद तो कर ही सकता है।
अपने आस-पास देखने पर मुझे एहसास हुआ कि आज भी हमारे समाज में बच्चों की शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और महिलाओं के सम्मान जैसे बुनियादी मुद्दों पर बहुत काम करना बाकी है। इसी खाई को पाटने के लिए मैंने ग्राम प्रगति रोज़गार फाउंडेशन(Gram Pragati Rojgar Foundation) की नींव रखी।
हम सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि बदलाव की एक लहर हैं। हमारा लक्ष्य साफ़ है: हर बच्चे के हाथ में किताब हो और कोई भी भूखा न सोए। मेरा मानना है कि असली बदलाव ज़मीन से जुड़कर आता है। आपका छोटा सा दान, आपका थोड़ा सा समय और आपकी आवाज़ हमें गरीबी मुक्त और स्वच्छ भविष्य की ओर ले जाएगी।
हमारी सोच पर विश्वास करने के लिए धन्यवाद। आइए मिलकर दया और सेवा की एक ऐसी मिसाल कायम करें जो आने वाली पीढ़ियों के काम आए।
आपका,
विनय कुमार
संस्थापक और अध्यक्ष , ग्राम प्रगति रोज़गार फाउंडेशन"(Gram Pragati Rojgar Foundation)
ग्राम प्रगति रोज़गार फाउंडेशन (Gram Pragati Rojgar Foundation) मात्र एक संस्था नहीं, बल्कि एक बदलाव की लहर है। प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) की पावन धरती से शुरू हुआ यह सफर आज उन हज़ारों चेहरों पर मुस्कान लाना चाहता है, जो विकास की मुख्यधारा से पीछे छूट गए हैं। हम एक पंजीकृत सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट हैं, जो 'सेवा परमो धर्म:' के सिद्धांत को चरितार्थ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
हमारी पहचान: निस्वार्थ भाव और निष्पक्ष सेवा
हम एक पूर्णतः गैर-राजनीतिक और गैर-धार्मिक संस्था हैं। हमारा मानना है कि मानवता की सेवा के लिए किसी विचारधारा या सीमा की आवश्यकता नहीं होती। ग्राम प्रगति रोज़गार फाउंडेशन(Gram Pragati Rojgar Foundation) का जन्म समाज के उन वर्गों की पीड़ा को समझने और उसे दूर करने के संकल्प से हुआ है, जो बुनियादी सुविधाओं और अवसरों के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। प्रयागराज से संचालित होते हुए, हमारी दृष्टि और कार्यक्षेत्र का विस्तार पूरे भारतवर्ष में है।
भारत की आत्मा गाँवों में बसती है, लेकिन आज भी हमारे ग्रामीण क्षेत्र कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं। बेरोजगारी, शिक्षा का अभाव और संसाधनों की कमी ग्रामीण युवाओं को पलायन के लिए मजबूर करती है।
हमारी स्थापना के पीछे तीन मुख्य स्तंभ हैं:
1.वंचित वर्गों का उत्थान: समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सहारा देना।
2.युवा सशक्तिकरण: युवाओं के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारकर उन्हें रोजगार के योग्य बनाना।
3.आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था: गाँवों को आर्थिक रूप से इतना सक्षम बनाना कि उन्हें शहर की ओर न ताकना पड़े।
हमारा मानना है कि दान केवल अल्पकालिक राहत दे सकता है, लेकिन 'रोजगार और कौशल' जीवनभर की आत्मनिर्भरता देता है। ग्राम प्रगति रोज़गार फाउंडेशन(Gram Pragati Rojgar Foundation) इसी दर्शन पर काम करता है। हम केवल सहायता नहीं करते, बल्कि हम "सशक्तिकरण" (Empowerment) पर विश्वास रखते हैं।
हमारी कार्यपद्धति: पारदर्शी और समावेशी
ग्राम प्रगति रोज़गार फाउंडेशन (Gram Pragati Rojgar Foundation)की सफलता का राज इसकी पारदर्शिता है। हमारे ट्रस्ट के प्रत्येक कार्य का लेखा-जोखा स्पष्ट होता है। हम स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर काम करते हैं ताकि समस्याओं की जड़ तक पहुँचा जा सके। हम सरकारी योजनाओं और आम जनता के बीच एक 'सेतु' (Bridge) का कार्य करते हैं, जिससे पात्र व्यक्ति को उसका हक मिल सके।
हमारा संकल्प: एक समृद्ध भारत का निर्माण
हमारा सपना एक ऐसे भारत का है जहाँ:
किसी भी युवा को गरीबी के कारण अपनी पढ़ाई न छोड़नी पड़े।
गाँवों में ही रोजगार के इतने अवसर हों कि पलायन का दर्द खत्म हो जाए।
हर घर आत्मनिर्भर हो और हर हाथ को काम मिले।
प्रयागराज की इस पवित्र भूमि से हमने जो संकल्प लिया है, वह बहुत बड़ा है, लेकिन हमारे इरादे उससे भी बड़े हैं। निस्वार्थ सेवा, समर्पण और जन-भागीदारी के साथ हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
ग्राम प्रगति रोज़गार फाउंडेशन (Gram Pragati Rojgar Foundation) केवल हमारी टीम की मेहनत से नहीं, बल्कि आप जैसे नेक दिल लोगों के सहयोग से चलता है। चाहे आप एक स्वयंसेवक (Volunteer) के रूप में जुड़ें, दानदाता के रूप में या एक मार्गदर्शक के रूप में—आपका हर छोटा कदम समाज में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।
ग्राम प्रगति रोज़गार फाउंडेशन (Gram Pragati Rojgar Foundation) एक मिशन है—समाज के सर्वांगीण विकास का, आत्मनिर्भरता का और खुशहाली का। हम तब तक नहीं रुकना चाहते जब तक कि देश का हर वंचित वर्ग गौरव के साथ सिर उठाकर न जीने लगे।